President / राष्ट्रपति

President / राष्ट्रपति


संविधान : संविधान के भाग 5 में अनुच्छेद 52 से 78 तक संघीय कार्यपालिका का उल्लेख किया गया है संघ की कार्यपालिका में राष्ट्रपति , उपराष्ट्रपति , प्रधानमंत्री , मंत्री परिषद और महान्यायवादी होते हैं

राष्ट्रपति को जाने : 


(1) संविधान के अनुसार संघीय सरकार का संवैधानिक अध्यक्ष राष्ट्रपति होता है लेकिन इसकी वास्तविक शक्तियों का उपयोग प्रधानमंत्री और उसकी मंत्री परिषद द्वारा किया जाता है अर्थात राष्ट्रपति नाम मात्र का ही होता है
(2) राष्ट्रपति देश का प्रथम नागरिक होता है
(3) राष्ट्रपति तीनों सेनाओं ( जल , थल , वायु ) का सर्वोच्च सेनापति होता है
(4) प्रधानमंत्री द्वारा सभी कार्य राष्ट्रपति के नाम पर ही किए जाते हैं अर्थात राष्ट्रपति के हस्ताक्षर होने पर ही कानून बनता है

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दिल्ली : भारत के राष्ट्रपति का भवन

अनुच्छेद 52 से 62 तक :
अनुच्छेद 52 से 62 तक राष्ट्रपति के पद राष्ट्रपति की प्रक्रिया राष्ट्रपति का कार्यकाल राष्ट्रपति का निर्वाचन आदि सभी का उल्लेख किया गया है जो निम्नलिखित है

अनुच्छेद 52 : इस अनुच्छेद के अनुसार भारत का एक राष्ट्रपति होगा

अनुच्छेद 53 : इस अनुच्छेद के अनुसार संघ की कार्यपालिका शक्तियां राष्ट्रपति में निहित होगी

अनुच्छेद 54 : राष्ट्रपति का निर्वाचन अर्थात राष्ट्रपति का निर्वाचन भारतीय जनता द्वारा प्रत्यक्ष रूप से ना होकर अप्रत्यक्ष रूप से राष्ट्रपति का निर्वाचन निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है
🌟 निर्वाचक मंडल = निर्वाचक मंडल वह होता है जो प्रत्यक्ष रूप से जनता द्वारा चुने गए नेताओं का समूह अर्थात निर्वाचक मंडल में हम निम्नलिखित सदस्यों को शामिल कर सकते हैं :-
(a) संसद के दोनों सदनों अर्थात लोकसभा और राज्यसभा के निर्वाचित सदस्य
(b) राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य
(c) केंद्र शासित प्रदेशों मे दिल्ली और पुडुचेरी के निर्वाचित सदस्य
( केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली और पुडुचेरी की विधानसभाओं को 70 वा संविधान संशोधन 1992 द्वारा शामिल किया गया )

अनुच्छेद 55 : इस अनुच्छेद में राष्ट्रपति के निर्वाचन की प्रक्रिया का उल्लेख किया गया है अर्थात राष्ट्रपति का निर्वाचन एकल संक्रमणीय मत प्रणाली द्वारा किया जाता है
🌟 एकल संक्रमणीय मत प्रणाली :- इस प्रणाली में राष्ट्रपति का निर्वाचन  प्रत्यक्ष रूप से  जनता द्वारा निर्वाचित सदस्यों द्वारा किया जाता है इस प्रणाली के अनुसार कोई भी एक सदस्य अपना मत अपनी पसंद के अनुसार एक से अधिक राष्ट्रपति पद पर खड़े सदस्यों को अपनी पसंद की वरीयता देता है इसी प्रकार संसद और विधान सभाओं के निर्वाचित सदस्यों द्वारा अपनी अपनी पसंद की वरीयता अनुसार मत देता है और यदि इस तरह कोई उम्मीदवार निर्धारित कोटे को प्राप्त कर लेता है तो वह विजय घोषित कर दिया जाता है और वह भारत का राष्ट्रपति पद को प्राप्त कर लेता है और यदि इस प्रक्रिया से कोई उम्मीदवार निर्धारित कोटे को प्राप्त नहीं कर पाता है तो सबसे कम प्राप्त करने वाले उम्मीदवार के मतों को अन्य उम्मीदवारों को हस्तांतरित कर दिया जाता है और फिर यदि कोई उम्मीदवार निश्चित या निर्धारित कोटे को प्राप्त कर लेता है तो वह विजय हो जाता है यह प्रक्रिया  तब तक चलती है जब तक कोई उम्मीदवार निर्धारित कोटा प्राप्त नहीं कर लेता

अनुच्छेद 56 : राष्ट्रपति का कार्यकाल अर्थात राष्ट्रपति के पद ग्रहण करने से 5 वर्ष की अवधि तक निर्धारित होता है

अनुच्छेद 57 : इस अनुच्छेद के अनुसार राष्ट्रपति का पुनर निर्वाचन या उसको दोबारा से राष्ट्रपति निर्वाचित किया जा सकता है

अनुच्छेद 58 : राष्ट्रपति निर्वाचित होने के लिए निम्न योग्यताएं होनी चाहिए
(1) भारत का नागरिक होना चाहिए
(2) 35 वर्ष से ज्यादा उम्र होनी चाहिए
(3) लोकसभा का सदस्य निर्वाचित किए जाने की योग्यता होनी चाहिए
(4) किसी भी लाभ के पद पर ना हो

अनुच्छेद 59 : राष्ट्रपति पद की शर्तें अर्थात राष्ट्रपति पद के लिए अगर वह व्यक्ति निर्वाचित हो गया है तो वह उस तारीख से भारत का राष्ट्रपति कहलायेगा और भूतकाल में वह व्यक्ति यदि किसी पद पर या किसी विधानमंडल या विधान परिषद या संसद सदस्य के पद पर सुशोभित था तो राष्ट्रपति पद ग्रहण करते ही उसका वह पद रिक्त हो जाएगा

अनुच्छेद 60 : राष्ट्रपति पद की शपथ अर्थात राष्ट्रपति पद पर निर्वाचित व्यक्ति को शपथ भारत के उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ न्यायधीश शपथ दिलाते हैं
वरिष्ठ न्यायधीश की अनुपस्थिति में अन्य न्यायाधीश जो वरिष्ठ है वह शपथ दिलाएगा राष्ट्रपति को


अनुच्छेद 61 : राष्ट्रपति पर महाभियोग की प्रक्रिया अर्थात संसद के किसी भी सदन को यह लगे कि राष्ट्रपति द्वारा संविधान का अतिक्रमण किया जा रहा है तो वह संसद के किसी भी सदन में महाभियोग की प्रक्रिया राष्ट्रपति के विरुद्ध लाई जा सकती हैं

🌟 महाभियोग प्रक्रिया लाने से पूर्व : महाभियोग प्रक्रिया लाने से पूर्व संसद के किसी भी सदन के सदस्यों द्वारा राष्ट्रपति को 14 दिन पूर्व लिखित रूप से सूचित करना होता है कि हम आपके विरुद्ध महाभियोग प्रक्रिया ला रहे हैं और इस प्रस्ताव पर 1/4 सदस्यों के हस्ताक्षर भी करने होते हैं इस प्रक्रिया के पूर्व राष्ट्रपति सबवे या किसी अन्य सदस्य के रूप में अपने को न्यायालय में जांच में सहयोग प्रदान करता है और यदि जांच के बाद सदस्यों द्वारा 2/3 बहुमत से प्रस्ताव पास कर दिया जाता है तो राष्ट्रपति का पद रिक्त हो जाएगा
महाभियोग प्रक्रिया में के सभी सदस्य भाग लेंगे जिन्होंने राष्ट्रपति के निर्वाचन में भाग नहीं दिया था जैसे संसद के मनोनीत सदस्य आदि
महाभियोग प्रक्रिया में विधानसभा के निर्वाचित सदस्य भाग नहीं लेंगे और दिल्ली व पुडुचेरी के निर्वाचित सदस्य भी महाभियोग प्रक्रिया में भाग नहीं लेंगे

अनुच्छेद 62 : राष्ट्रपति पद की अवधि पूर्ण होने से पहले ही दूसरे राष्ट्रपति का निर्वाचन कर लिया जाता है और यदि किसी कारण वर्ष निर्वाचन नहीं हो पाता है तो निर्वाचन होने तक वह व्यक्ति राष्ट्रपति बना रहेगा जब तक उसका उत्तराधिकारी या दूसरे राष्ट्रपति का चयन नहीं हो जाता
यदि किसी कारणवश राष्ट्रपति की मृत्यु पद पर रहते हो जाती है तो 6 महीनों के भीतर राष्ट्रपति चुनाव कराने आवश्यक है और चयनित व्यक्ति पद ग्रहण से 5 वर्ष पूर्ण होने तक कार्य करेगा

 राष्ट्रपति के वेतन भत्ते : 


(1) राष्ट्रपति बिना किराया दिए राष्ट्रपति आवास में रहेगा
(2) राष्ट्रपति की पद्दा अवधि पूर्ण होने के बाद उसको उसके वेतन का 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में हर महीने मिलेगा
(3) राष्ट्रपति का वेतन 500000 रुपए प्रति महीना है

राष्ट्रपति की शक्तियां : 



राष्ट्रपति को संविधान में कार्य पाली की शक्तियां न्यायिक शक्तियां वित्तीय शक्तियां विधाई शक्तियां आपातकालीन शक्तियां तथा शव विवेक किया शक्तियां प्राप्त है हिना ने शक्तियों का उल्लेख हम निम्नलिखित अनुच्छेदों में किया है
 (1) अनुच्छेद 79 के तहत राष्ट्रपति संसद का एक अंग होता है
(2) अनुच्छेद 331 के तहत राष्ट्रपति लोकसभा में आंग्ल भारतीय समुदाय के 2 सदस्यों को मनोनीत कर सकता है
(4) अनुच्छेद 103 के अनुसार राष्ट्रपति दलबदल या सदस्यों की योग्यता से संबंधित उठने वाले प्रश्नों का निर्धारण करता है
(5)  अनुच्छेद 80 के के तहत राष्ट्रपति राज्यसभा में 12 सदस्यों को मनोनीत कर सकता है यह सदस्य खेल साहित्य कला विज्ञान समाज सेवा आदि के क्षेत्रों से जुड़े होते हैं या उन क्षेत्रों में विशेष योगदान दिया होता है
(6) अनुच्छेद 108 के अनुसार राष्ट्रपति किसी विधेयक पर गतिरोध उत्पन्न होने पर संसद की संयुक्त अधिवेशन या संयुक्त बैठक बुला सकता है
(7)  अनुच्छेद 123 के तहत राष्ट्रपति अध्यादेश जारी करने का अधिकार रखता है
(8) अनुच्छेद 124 के अनुसार उत्तम न्यायालय और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है
(9) अनुच्छेद 72 के तहत राष्ट्रपति को कुछ मामलों में सजा को कम करने या सजा को परिवर्तित करने या सजा को माफ करने की शक्ति प्राप्त है
(10) अनुच्छेद 143 के अनुसार राष्ट्रपति उच्चतम न्यायालय से परामर्श ले सकता है लेकिन उस परामर्श को मानने के लिए बाध्य नहीं है
(11) अनुच्छेद 111 के अनुसार राष्ट्रपति को वीटो शक्ति प्राप्त है इस वीटो शक्ति का प्रयोग राष्ट्रपति किसी भी विधेयक (धन विधेयक वा वित्त विधेयक को छोड़कर ) कर सकता है
( सन 1986 में संसद द्वारा पारित डाक विधायक को तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह ने जेबी वीटो शक्ति का प्रयोग किया )
(12) अनुच्छेद 78 के तहत राष्ट्रपति प्रधानमंत्री से सूचना प्राप्त कर सकता है
(13) अनुच्छेद 352 के तहत युद्ध , बाहरी आक्रमण , सशस्त्र विद्रोह होने के कारण भारत में राष्ट्रपति आपातकाल की घोषणा कर सकता है
(14) अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति किसी भी राज्य के सरकार के विफल होने की सूचना राज्यपाल द्वारा प्राप्त होने पर वह राज्यपाल के  विवेचन पर राष्ट्रपति शासन संबंधित राज्य में लगा सकता है
( देश में सर्वप्रथम राष्ट्रपति शासन पंजाब राज्य में लगाया गया)
(15) अनुच्छेद 360 के तहत भारत में वित्तीय आपातकाल राष्ट्रपति लागू कर सकता है अर्थात देश की वित्तीय या आर्थिक हालत खराब होने पर वित्तीय  आपातकाल लागू होता है

महत्वपूर्ण बातें :


(1) राष्ट्रपति अपना त्यागपत्र उपराष्ट्रपति को देता है
(2) राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में उपराष्ट्रपति कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में कार्य करता है और उपराष्ट्रपति भी अनुपस्थित है तो उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में कार्य करेगा और यदि मुख्य न्यायाधीश भी अनुपस्थित है तो अन्य न्यायाधीश कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में कार्य करेगा
( परंतु इतनी स्थितियां बन नहीं सकती हैं और अगर ऐसी स्थिति बनती है तो प्रक्रिया यही रहेगी )
(3) राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार व्यक्ति के पास 50 प्रस्तावक और 50 अनुमोदक होने चाहिए यह प्रस्तावक व अनुमोदक संसद के किसी भी सदन अर्थात राज्यसभा और लोकसभा में से किसी भी सदन से हो सकते हैं और राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया मे ₹15000 जमानत राशि के रूप में जमा कराने होंगे
(4) भारत में अब तक श्री राजेंद्र प्रसाद ( प्रथम राष्ट्रपति) एकमात्र राष्ट्रपति है जो 10 वर्ष तक भारत के राष्ट्रपति के रूप में पद पर सुशोभित रहे
(5) भारत के राष्ट्रपति में दो राष्ट्रपति ऐसे हैं जिन की मृत्यु पद पर रहते हुए हुई उनके नाम डॉ जाकिर हुसैन और फखरुद्दीन अली अहमद है
(6) भारत के प्रथम कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में वीवी गिरी बने
(7) भारत के 17वें राष्ट्रपति रामनाथ  कोविंद है
(8) भारत के एकमात्र मुख्य न्यायाधीश है जो भारत के कार्यवाहक राष्ट्रपति बने जिनका नाम एम.हिदायतुल्लाह है
(9) नीलम संजीव रेड्डी एकमात्र राष्ट्रपति है जो निर्विरोध चुने गए
(10) भारत के संविधान में राष्ट्रपति पद अमेरिकी संविधान से लिया गया है

महत्वपूर्ण प्रश्न :-
(1) राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के लिए कितने अनुमोदक होने चाहिए?
(2) भारत के एकमात्र न्यायधीश कौन से हैं जो कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में कार्य कर चुके हैं?
(3) राष्ट्रपति के निर्वाचन में कौन-कौन से सदस्य भाग लेते हैं
(4) भारत के उन राष्ट्रपतियों के नाम बताओ जिनकी पद पर रहते हुए मृत्यु हुई?
(5) भारत के राष्ट्रपति की शक्तियां का प्रयोग कौन करता है?
(6) राष्ट्रपति का निर्वाचन किस प्रक्रिया के तहत होता है?
(7) राष्ट्रपति के उम्मीदवार की उम्र कितनी होनी चाहिए?
(8) सविधान के किस भाग में राष्ट्रपति पद और उसके कार्यों का वर्णन किया गया है?
(9) राष्ट्रपति को शपथ कौन दिलाता है?
(10) राष्ट्रपति का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है यह किस अनुच्छेद में वर्णित है?
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