Covid19 (labour) | कोरोना : प्रवासियों का पैदल मार्च

Covid19 (labour) | कोरोना : प्रवासियों का पैदल मार्च

देश की अर्थव्यवस्था को चलाने में  मजदूरों का बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान रहता है क्योंकि यह अपनी मेहनत और लगन से देश की अर्थव्यवस्था को नए आयाम पर पहुंचाते हैं

प्रवासी मजदूर किसे कहते हैं ?
प्रवासी मजदूर उन व्यक्तियों को कहते हैं जो कार्य की तलाश में अपने राज्य से अन्य राज्य में कार्य करने के लिए जाते हैं जिससे वह अपने परिवार का जीवन यापन कर चला सके

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1.प्रवासी मजदूरों का गृह राज्य की ओर पलायन

🌟 लॉक डाउन की इस घड़ी में प्रवासी मजदूरों का पलायन गृह राज्य अर्थात अपने परिवार की तरफ जारी है

तकनीकी का अभाव : सरकार द्वारा प्रवासियों के लिए ट्रेनों का संचालन भी विभिन्न राज्यों से किया जा रहा है लेकिन इसकी जानकारी उन प्रवासी मजदूरों तक नहीं पहुंच पा रही है क्योंकि वह तकनीकी रूप से इतने सशक्त नहीं है  सरकार द्वारा  कोरोना वायरस  के संक्रमण  को रोकने के लिए  श्रमिक रेल सेवा प्रारंभ करी परंतु इस यात्रा की टिकट  ऑनलाइन  कर सकते  हैं ज्यादातर रीमिक्स  अशिक्षित  और तकनीकी  रूप से  इतने सशक्त  नहीं है कि वहां  ऑनलाइन बुकिंग  करवा सके इसलिए वह पैदल ही अपने घर की ओर बढ़ते चले जा रहे हैं इस पैदल मार्च से बहुत सारी जन और धन की हानि सरकारों व प्रवासी परिवार जनों को हो रही है

प्रवासी मजदूरों की मजबूरी : प्रवासी मजदूर देश के विभिन्न राज्यों में कार्य करने गए थे परंतु कोरोना वायरस के मामले  देश में  बढ़ने के चलते देश को लॉक डाउन कर दिया गया और इस लॉक डाउन की घड़ी में सबसे ज्यादा संकट में दिख रहे हैं तो वह है प्रवासी मजदूर क्योंकि लॉक डाउन में सभी यातायात के साधन को बंद कर दिया गया जिससे प्रवासी मजदूर अपने गृह राज्य और परिवार से दूर रह गए इस दूरी को अधिकतर प्रवासी मजदूर अपने कदमों से कम करने को निकल पड़े हैं

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2.प्रवासी मजदूरों का परिवार सहित पलायन


🌟 लेकिन लॉक डाउन की अवधि जैसे जैसे विभिन्न चरणों में आगे बढ़ गई तो प्रवासियों का धैर्य ने जवाब दिया और वह खुद ही इस लंबे सफर पर पैदल निकल पड़े और ऐसा कदम कुछ प्रवासी मजदूरों के लिए उनका आखिरी सफर बनवाया

गिरती अर्थव्यवस्था : कोरोनावायरस के कारण सारी दुनिया की अर्थव्यवस्था अस्त व्यस्त हो रखी है और इस अवस्था के आधार निर्धारित करते हैं मजदूर जो अपनी मेहनत से लगन से देश की प्रति देश के विकास में योगदान देते हैं

" वस्तुओं की मांग ज्यादा है लेकिन लॉक डाउन के कारण सभी उद्योग बंद है  तो इस कारण वस्तुओं पूर्ति नहीं  हो रही हैं इसलिए वस्तुओं की कीमत बढ़ जाती है "

🌟 वास्तु की मांग ज्यादा है और उसकी पूर्ति नहीं हो पा रही है तो वस्तु की कीमत मैं बहुत ज्यादा वृद्धि हो रही है और इस वृद्धि के कारण ही जिस फर्म/ दुकान के पास वस्तु का पहले से ही स्टॉक हैं तो वह कालाबाजारी करते हैं और उस वस्तु को कई गुना भाव में बेचा जाता है

🌟 कोरोना की संकट भरी घड़ी में विश्व के विभिन्न देशों ने अनेक कदम उठाए जिसमें से भारत ने भी ठोस कदम उठाएं अर्थात लॉक डाउन जैसी व्यवस्था करके कोरोना वायरस की चैन को तोड़ा भारत की इस व्यवस्था का अन्य देशों ने स्वागत किया और कोरोना को रोकने में यह व्यवस्था अर्थात लॉक डाउन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है

🌟 भारत जैसे विकासशील देश जिसका जनसंख्या के आधार पर विश्व में प्रथम स्थान रखता है अगर इस किस तरह का कदम भारत नहीं उठाता तो कोरोना भारत में बहुत ही भयानक तांडव मचाता लेकिन भारत की सरकार ने संकट को भापते हुए देश को संकट घड़ी से उभारने के लिए  बहुत सारे कदम उठाए जिसकी विश्व भर में तारीफ हो रही है

प्रवासी मजदूरों का  अधूरा सफर : प्रवासी मजदूरों का यह पैदल मार्च उनके जीवन को बहुत ही प्रभावित किया क्योंकि इनमें से कुछ प्रवासी मजदूरों का सफर आखरी सफर साबित हुआ प्रवासी मजदूर रेल दुर्घटना सड़क दुर्घटना आदि मे जान गवा दी और  ऐसी दुर्घटना से सरकार और ज्यादा सतर्क हुई सरकार द्वारा प्रवासी मजदूरों के लिए  मुआवजा  दिया गया

प्रवासी मजदूरों की सहायता के लिए निम्न कदम उठाए जा सकते है :-
(1) पलायन कर रहे प्रवासियों को भामाशाह द्वारा मदद  दी जा सकती है
(2) प्रवासियों को प्रशासन द्वारा सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से अवगत कराना चाहिए
(3) प्रवासी मजदूरों के लिए खाने की व्यवस्था करवानी चाहिए
(4) श्रमिक रेल सेवा द्वारा मजदूरों को गंतव्य स्थान तक पहुंचाया जा सकता है



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